अलापुर नौशाद हुसैन का जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पद पर चयन हुआ था अब मिली पहेली पोस्टिंग बिजनौर नगर व परिवार में खुशी का माहौल।
अलापुर। मुआज्जिन हाजी असगर हुसैन के मझले बेटे नौशाद हुसैन का चयन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पद चयन हो जाने से परिवार और नगर में खुशी का माहौल है।उनके निजी आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।आपको बता दें नौशाद हुसैन ने पूर्व में चार बार अाई.ए. एस की मुख्य परीक्षा ,साक्षात्कार भी दिए परन्तु अंतिम रूप में चयनित नहीं हो सके। इसके बाद इन्होंने लोअर पीसीएस की परीक्षा दी और मार्केटिंग इंस्पेक्टर पद पर चयन हुआ पर जॉइनिंग नहीं ली।उनका सपना प्रशासनिक अधिकारी बनने का था जो अब पूरा हुआ।नौशाद हुसैन वर्तमान में म्याऊं ब्लॉक के ग्राम कोड़ा गुजर के जूनियर हाई स्कूल में सहायक अध्यापक पद पर तैनात है। उनके दोनों भाई दिलशाद हुसैन, इम्तियाज हुसैन भी बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत है।बेहद सामान परिवार से ताल्लुक रखने वाले नौशाद हुसैन के पिता कपड़े का काम करते है उनकी नगर में कपड़े की दुकान है। नौशाद हुसैन हाई स्कूल तक की शिक्षा अपने गृह नगर आलापुर के नेहरू आदर्श इंटर कॉलेज से ग्रहण की तथा इंटरमीडिएट की शिक्षा इस्लाम इंटर कॉलेज बदायूं से ग्रहण की तथा,बीएससी , बीएड रूहेलखंड यूनिवर्सिटी बरेली से किया। उसके बाद इनका चयन बीटीसी में हो गया और बेसिक शिक्षा विभाग के सहायक अध्यापक पर नियुक्त हो गए।लेकिन चयन होने के बाद भी ये प्रशासनिक अधिकारी सेवा परीक्षा की तैयारी करते रहे। यह शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। नौशाद हुसैन अपनी सफलता का श्रेय अपने मां-बाप एवं बड़े भाई दिलशाद हुसैन बस छोटे भाई इम्तियाज हुसैन को देते हैं।गौरतलब है तीनों भाई बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक पद पर कार्यरत हैं।अपने संघर्ष पर नौशाद हुसैन ने बताया कि अधिकतर तैयारी घर पर रहकर ही की लेकिन कुछ समय के लिए दिल्ली,लखनऊ में भी रहे।उनके तीन दोस्त नासिर,अजहर,असलम भी इसी साल पीसीएस में चुने गए हैं।पूर्व में भी इनके कई दोस्त अाई.ए.एस,पीसीएस बन चुके है।और अंत में नौशाद हुसैन ने जिला बदायूं के प्रतिभागियों से कहा कि जोखिम उठाएं आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।
अलापुर से क्राइम रिपोर्टर
फरहत अंसारी की रिपोर्ट।